Wednesday, 30 May 2012

उदारीकरण का प्रभाव


उदारीकरण से पहले
1990 भारत पर विदेशी कर्ज़ा 8380 करोड़ डालर = 146650 करोड़ रुपये (1 डालर = 17.50 रुपये)
उदारीकरण के 22 साल बाद
2012 भारत पर विदेशी कर्ज़ा 33490 करोड़ डालर = 1741480 करोड़ रुपये (1 डालर = 52.50 रुपये)
डालर मे कर्ज़ा बढा 4 गुना
रुपये में कर्ज़ा बढा 11.8 गुना
आज बच्चा बच्चा जन्म से पहले 14392 रुपये का कर्ज़दार
उदारीकरण के पुरोधा श्री मनमोहन सिंह की जय 

Tuesday, 29 May 2012

रुपौए का अवमूल्यान


रुपये का अवमूल्यन क्यों होता है ?
विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के दबाव के कारण
भारत दबाव स्वीकार क्यों करता है ?
डालर का कर्ज़ा लेने के लिये
डालर क्यों चाहिये ?
आयात करने के लिये
आयात क्या करते हैं ?
विभिन्न विदेशी सामान जिसमें पेट्रोल, खाद्द्यान्न पदार्थ, कपडे मशीन के पुर्ज़े और मशीन शामिल हैं
इस अवमूल्यन से क्या होता है ?
आयात महंगा और निर्यात सस्ता
अभी आयात निर्यात कितना है ?
इस वर्ष आयात 485 अरब डालर और निर्यात 300 अरब डालर यानि 185 अरब डालर का घाटा
आज के भाव पर यह क्या होता ?
आयात 565 अरब डालर और निर्यात 257 अरब डालर यानि 308 अरब डालर का घाटा
इससे फ़ायदा किसको है ?
समस्त देशी और विदेशी कम्पनियों को जो निर्यात करती हैं
इससे नुक्सान किसको है ?
समस्त देशी कम्पनियों को जो आयात करती हैं
हम क्या कर सकते है ?
उस सब सामान का बहिष्कार जो विदेशी है।
इससे क्या होगा ?
विदेशी कम्पनी आयात नहीं करेगी और डालर खर्च नहीं होगा।  
अमेरिका का राष्ट्रपति अपनी संसद अभिभाषण मे यदि लोगों से अपील कर सकता है तो हमारा राष्ट्रपति या प्रधान मन्त्री क्यों नहीं ?
वहां का राष्ट्रपति देश का सेवक है और यहां का राष्ट्रपति या प्रधान मन्त्री देश का दलाल

Tuesday, 15 May 2012

भ्रष्टाधिराज श्री सुरेश कलमाड़ी


महाराष्ट्र के विशिष्ट मन्त्री मण्डल में भ्रष्टाधिराज श्री सुरेश कलमाड़ी की उपस्थिती यह बताने के लिये पर्याप्त है कि उन्हे भारत के प्रधान मन्त्री का संरक्षण प्राप्त है यह चित्र 10/05/2012 का है 

माननीय प्रणव मुखर्जी


लोकसभा में सुषमा स्वराज जी के प्रश्न के उत्तर में माननीय प्रणव मुखर्जी ने बताया कि भारत जल्द से जल्द गेहूं को भरने के लिये बारदान की बोरियां आयात करेगा
प्रश्न है कि 820 लाख करोड़ के सकल घरेलू उत्पाद का देश बारदान की बोरी बनाने में अक्षम है?

कहीं ऐसा तो नहीं कि नेताओं को इसमें भी दलाली खानी है
प्रणव दादा ने घरेलू उत्पादकों से पूछने का कष्ट भी नहीं किया और ऐसा लगा की वो केवल प्रश्न पूछने की प्रतीक्षा में थे उत्तर पहले से ही तैय्यार था  

अपील

समस्त राष्ट्र प्रेमी सज्जनों से अपील है कि यदि इस बार के दिल्ली के या किसी भी प्रदेश के चुनाव में आपकी जानकारी में कोई ईमानदार प्रत्याशी चुनाव लड़ा था, वह हारा या जीता, आप सब उनका सामूहिक स्वागत करें, उत्साहवर्धन करें और सामूहिक सन्मान दें जिससे कि ऐसे ईमानदार लोग फ़िर अगली बार देश सेवा में नए उत्साह से जा सकें।    

Sunday, 13 May 2012

NCERT कार्टून का सच


शुक्रवार 11/05/2012 को लोक सभा की कार्यवाही को एक एन सी ई आर टी की पुस्तक में छपे कार्टून के विवाद के चलते स्थगित हो गयी।
उस दिन श्री चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस डील मामले में अपने सफ़ाई देनी थी और यह मुद्दा बहुत ज़ोर पकड़ चुका था।
अब कार्टून की कहानी भी देखिये यह पचास के दशक का कार्टून है जिसे श्री केशव शंकर पिल्लई ने बनाया था, जिन्हे भारत सरकार ने पदम श्री, पदम भूषण और पदम विभूषण से सन्मानित किया है। यह कार्टून 2006 से राजनीतिक विज्ञान की पुस्तकों में छप रहा है तो अचानक से 2012 में क्या हुआ की समस्त तथाकथित राष्ट्रप्रेमी सज्जनों नींद खुल गयी।
परिणाम या दुष्परिणाम:
श्री चिदंबरम का एयरसेल-मैक्सिस डील मामला सुस्त पड़ गया।
दूसरे क्योंकि समय कम है इन पुस्तकों का ठेका किसी निजी संस्थान को दे दिया जायेगा और नेताओं की फ़िर कमीशन और पैसा स्विस बैंक में।    

परिणाम रू 25,000 प्रति मिनट के खर्चे वाली सन्सद  दिन भर स्थगित रही।   

Sunday, 6 May 2012

हिलेरी क्लिंटन


अमेरिका की विदेश मन्त्री हिलेरी क्लिंटन भारत की राजधानी में आने से पहले कोलकता में आयेंगी
कारण बताया जा रहा है: कूटनीतिक और राजनैतिक वार्ता
असली कारण : ममता जी ने खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश में विरोध किया था
समाधान : कूटनीतिक और राजनैतिक समझौता
धन्य है ममता माता की देश के प्रति ममता
राजनैतिक वार्ता, समझौता या सौदा ?

Wednesday, 2 May 2012

सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान


सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत सरकार ने 2017 तक सम्पूर्ण भारत को गन्दगी मुक्त करने के लिये 1999 में अभियान चलाया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में 2002 में लागू हुआ। इस योजना के तहत समाज के विभिन्न वर्गों को अपने घरों में शौचालय बनाने के लिये अनुदान दिया गया।
2002 में अनुदान राशी 600 रु थी और अब यह लगभग 4500 रु है।
पंचायती राज्य विभाग के अनुसार 1 करोड़ 71 लाख शौचायलों का निर्माण सरकार ने करवाया है जबकि जनगणना विभाग के अनुसार केवल 55 लाख परिवारों में शौचालय हैं अर्थात 1 करोड़ 16 लाख शौचालय गुम हो गये हैं  
परन्तु जनगणना में इसकी सच्चाई खुल गयी। सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अनुसार ग्रामीण उत्तर प्रदेश में केवल 17% घरों मे शौचालय सुविधा नहीं है परन्तु जनगणना अधिकारियों के अनुसार 78% घरों में पक्के शौचालय नहीं हैं। भ्रष्टाचार की सीमा यहीं समाप्त नही होती, अभियान के अधिकारियों के अनुसार लखीमपुर खीरी और फ़र्रुखाबाद जैसे ज़िलों में 100% घरों में शौचलाय की व्यवस्था है परन्तु जनगणना अधिकारियो के अनुसार इन्ही ज़िलों में क्रमश: 82% एवं 76% घरों में शौचालय नहीं हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 90 लाख परिवार भारत में बिना पक्के शौचालयों के हैं जिसमें से 39% या 35 लाख परिवार उत्तर प्रदेश में हैं। इस आंकलन से लगता है कि लगभग 2900 करोड़ रु का सरकार को चूना  लग चुका है। पर ज्ञात रहे अभी यह सब आंकड़े सरकारी हैं     

देश को ले कर आ गये हम किस मुकाम पर
घोटाले होने लगे हैं अब शौचालय के नाम पर
भ्रष्टाचार में भी आ गया देखो अब ऐसा मोड़
शौचालय के नाम पर खाये गये 2900 करोड़