लोकसभा
में सुषमा स्वराज जी के प्रश्न के उत्तर में माननीय प्रणव मुखर्जी ने बताया कि भारत जल्द से जल्द गेहूं को भरने
के लिये बारदान की बोरियां आयात करेगा
प्रश्न
है कि 820 लाख करोड़ के
सकल घरेलू उत्पाद का देश बारदान की बोरी बनाने में अक्षम है?
कहीं
ऐसा तो नहीं कि नेताओं को इसमें भी दलाली खानी है
प्रणव
दादा ने घरेलू उत्पादकों से पूछने का कष्ट भी नहीं
किया और ऐसा लगा की वो केवल प्रश्न पूछने की प्रतीक्षा में थे उत्तर पहले से ही
तैय्यार था
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