Wednesday, 25 April 2012

गरीबों के अनाज का भ्रष्टाचार


गैट करार के बाद भारत को प्रति वर्ष खाद्दय सामग्री का आयात बढाना है:
परिणामस्वरूप खाद्दय सामग्री के आयात की स्थिति:
वर्ष
कुल आयात करोड़ रुपये
खाद्दय पदार्थ
प्रतिशत
1995
122678
3243
2.6%
2003
297205
11668
3.9%
2007
840506
19430
3.1%
2011
1605314
39732
3.0%
 क्या भारत सरकार के पास इस बात का उत्तर है कि जिस देश में 2-3 लाख टन अनाज चूहे खा रहे हैं, गोदाम की कमी के कारण अनाज खुले में सड़ रहा है, ऐसे खाद्दयान्न सम्पन्न देश में खाद्द पदार्थ का आयात क्यों बढ रहा है?
एक लाख लोगों का भोजन भ्रष्टाचार की भेंट चढ गया
अभी हाल में ही शाहीद भगत सिंह नगर में खाद्द विभाग ने 2,64,000 बोरियां गेहूं की खरीदी और 94,000 बोरियां गोदाम में सम्भाल कर रख ली। परन्तु शेष 1,70,000 बोरियां खुले में छोड़ दी थी। समाचार आया है कि सारा का सारा गेहूं सड़ चुका है।
यह स्थिती तब है जब माननीय अदालत ने सरकार से कहा है कि अनाज सड़ने से पहले गरीबों मे मुफ़्त बांट दिया जाय
कलपना करें कि इस 64,00,000 किलो गेहूं से भारतीय आंकड़ों के अनुसार 1,00,000 लोगों को साल भर का भूख से बचाया जा सकता था।
   एक लाख लोगों का भोजन भ्रष्टाचार की भेंट चढ गया

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