गैट
करार के बाद भारत को प्रति वर्ष खाद्दय सामग्री का
आयात बढाना है:
परिणामस्वरूप
खाद्दय सामग्री के आयात की स्थिति:
|
वर्ष
|
कुल आयात करोड़ रुपये
|
खाद्दय पदार्थ
|
प्रतिशत
|
|
1995
|
122678
|
3243
|
2.6%
|
|
2003
|
297205
|
11668
|
3.9%
|
|
2007
|
840506
|
19430
|
3.1%
|
|
2011
|
1605314
|
39732
|
3.0%
|
क्या भारत सरकार के पास इस बात का उत्तर है कि
जिस देश में 2-3 लाख टन अनाज चूहे खा रहे हैं,
गोदाम की कमी के कारण अनाज खुले में सड़ रहा है, ऐसे खाद्दयान्न सम्पन्न देश में
खाद्द पदार्थ का आयात क्यों बढ रहा है?
एक लाख लोगों का भोजन भ्रष्टाचार की भेंट चढ गया
अभी हाल में ही शाहीद भगत
सिंह नगर में खाद्द विभाग ने 2,64,000 बोरियां
गेहूं की खरीदी और 94,000 बोरियां गोदाम में
सम्भाल कर रख ली। परन्तु शेष 1,70,000 बोरियां
खुले में छोड़ दी थी। समाचार आया है कि सारा का सारा गेहूं सड़ चुका है।
यह स्थिती तब है जब माननीय
अदालत ने सरकार से कहा है कि अनाज सड़ने से पहले गरीबों मे मुफ़्त बांट दिया जाय
कलपना करें कि इस 64,00,000 किलो गेहूं से भारतीय
आंकड़ों के अनुसार 1,00,000 लोगों को साल भर
का भूख से बचाया जा सकता था।
एक लाख लोगों का भोजन
भ्रष्टाचार की भेंट चढ गया
No comments:
Post a Comment