आज हर समाचार पत्र मे सुर्खियां है कि भारत का निर्यात 300 अरब डालर के पार हो गया है। परन्तु कहीं पर इस बात
पर खेद नहीं है कि हमारा आयात 485
अरब डालर हो गया है। समस्त अर्थशास्त्री यह भूल
रहे हैं कि 185 अरब
डालर का विदेश व्यापार घाटा किस देश के विकास की पहचान है ?
कल्पना करें कि यह व्यापार घाटा यदि रुपये मे बदला जाये तो
यह 9,250 अरब रुपये होते हैं अर्थात
प्रति व्यक्ति 7400 रुपये।
इस वर्ष भारत का निर्यात बढा है 22% जबकि इसी अवधि
में आयात मे 41% की बढोत्तरी दर्ज की गयी है।
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